मंगलवार, 10 मई 2016

माननीय स्नातक

माननीय स्नातक -

आज से क़रीब दो सौ साल पहले आर्थिक संसाधन जुटाने के लिए अमेरिका के विश्वविद्यालय पैसे लेकर किसी को भी डिग्री दे देते थे. एक समृद्ध किन्तु बेहद कम लिखा-पढ़ा किसान अपने घोड़े पर सवार होकर एक विश्वविद्यालय के दफ़्तर पहुंचा और वहां जाकर उसने अपने लिए एक डिग्री की मांग की. 50 डॉलर में बिना पूर्व-शैक्षणिक योग्यता देखे, रजिस्ट्रार महोदय ने उसके नाम की डिग्री उसे प्रदान कर दी. अपनी डिग्री अपने पास रखते हुए उस किसान ने रजिस्ट्रार से पूछा -
'आप पैसे लेकर किसी को भी डिग्री दे सकते हैं?'
रजिस्ट्रार ने जवाब दिया -
'हाँ, जो भी पैसे देगा, हम उसको डिग्री दे देंगे.'
किसान ने मुस्कुराकर पूछा -
'अगर मैं कहूं कि 50 डॉलर लेकर मेरे घोड़े को आप डिग्री प्रदान कर दें तो क्या आप उसे भी डिग्री दे देंगे?'
रजिस्ट्रार ने भी मुस्कुराते हुए जवाब दिया -
'अभी-अभी आपने देखा कि हमने एक गधे को पैसे लेकर डिग्री दी है. फिर भला पैसे के बदले में घोड़े को डिग्री देने में हमको क्या ऐतराज़ हो सकता है?'

नोट: कृपया इस किस्से को चुटकुला समझ कर ही पढ़ें, इसका कोई अन्य अर्थ लगाने की कोशिश हानिकारक हो सकती है.

1 टिप्पणी:

  1. जी चुटकुला ही है । आज के दिन हम सब भी तो चुटकुले ही हैं ।

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