शनिवार, 23 फ़रवरी 2013

राम राज्य


हर तरफ़ मजबूरियाँ  हैं, हर तरफ़ फ़रियाद है ,
राम तेरे राज की कितनी हँसीं बुनियाद है ।
खु़दकुशी के फ़ैसले से दूर होंगी मुश्किलें,
हम परिन्दों ने हिफाज़तदां चुना सय्याद है ।।


 

3 टिप्‍पणियां:

  1. ये हुई ना बात !
    सही रास्ते पे अब आये गूरू !
    बधाई !
    भाई जी कृपया वर्ड वेरिफिकेशन डिसऎबल करें ताकि टिप्पणी करने में आसाने हो !

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  2. देर आयद दुरुस्त आयद.अपनी सभी रचनाएं प्रकाश में आने दो. शुभकामनाएं.

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  3. उत्साहवर्धन के लिए धन्यवाद।। मेरी रचनाओं को प्रकाश में लाने का ज़िम्मा गीतिका ने संभाला है.

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